पुणे में धर्मांतरण के आरोप में दो केस दर्ज, पुलिस की जांच जारी
Two cases of religious conversion in Pune; Investigation by Fursungi-Khadak police
पुणे : पुणे शहर में धर्मांतरण से जुड़े आरोपों को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों मामले महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं। यह जानकारी पुणे पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस डॉ. प्रशांत अमृतकर ने दी है।
पुलिस के अनुसार, पहला मामला 5 अगस्त को फुरसुंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता शिवकुमार रावत ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी का धर्मांतरण किए जाने की कोशिश की जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित व्यक्ति और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
9 अगस्त को खड़क पुलिस स्टेशन में दूसरा मामला
दूसरा मामला 9 अगस्त को खड़क पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस शिकायत में एक ईसाई पादरी पर धर्मांतरण से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस दोनों मामलों में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित धर्मांतरण की कोशिश किन परिस्थितियों में हुई और इसमें संबंधित लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने तक अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस द्वारा आरोपों की पुष्टि और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
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धाराओं और गिरफ्तारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों मामलों में महाराष्ट्र फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट की कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं, कितने लोगों को आरोपी बनाया गया है और क्या किसी की गिरफ्तारी हुई है। जांच आगे बढ़ने के साथ इन मामलों से जुड़ी और जानकारी सामने आने की संभावना है।


