
पीएम किसान सम्मान निधि से 9.34 करोड़ किसानों को मिली 18,680 करोड़ रुपये की सौगात
9.34 crore farmers receive a benefit of Rs 18,680 crore under the PM Kisan Samman Nidhi scheme
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि देश और मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार किसानों के कल्याण, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। वहीं, मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत भी किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की राशि प्रदान कर रही है। इस तरह दोनों योजनाओं को मिलाकर पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात उज्जैन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किसान एवं व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें खेती के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का बढ़ा मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा देश और विदेश दोनों जगह बढ़ी है। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक सहायता देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने रही हैं। राज्य सरकार भी केंद्र के साथ मिलकर किसानों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत जाए।उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को बिजली, पानी, सड़क और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम कर रही है। कृषि क्षेत्र के विकास के साथ ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की अव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। डॉ. यादव ने किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से किसानों को खेती से संबंधित जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलती है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिले और उन्हें अपनी आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव का सामना न करना पड़े।

9.34 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 18,680 करोड़ रुपये
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी गांव से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इस अवसर पर देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल 18,680 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। यह राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। इस कार्यक्रम में उज्जैन कृषि उपज मंडी परिसर में भी किसान एवं व्यापारी सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता के महत्व पर चर्चा की गई। योजना के तहत मध्यप्रदेश के लगभग 80 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, उज्जैन जिले में करीब दो लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचे से कृषि कार्यों के लिए जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है।
केंद्र और राज्य की योजनाओं से किसानों को मिल रही आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के माध्यम से किसानों को सालाना छह हजार रुपये की सहायता देती है। इस प्रकार दोनों योजनाओं के अंतर्गत पात्र किसानों को कुल 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ कृषि से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी जरूरी है। सरकार सिंचाई, बिजली, सड़क और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि किसानों को खेती के दौरान सुविधाएं मिल सकें और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित करने का प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंद और पात्र लोगों तक पहुंचाता है।
उज्जैन में एलिवेटेड मार्ग को लेकर मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगर नाके से हरि फाटक तक बनाए जा रहे एलिवेटेड मार्ग की एक भुजा किसानों की मांग के अनुसार कृषि उपज मंडी में उतारी जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से आगर रोड पर लग-ने वाले जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, किसानों के ट्रैक्टर और अन्य वाहन सीधे मंडी तक पहुंच सकेंगे। इससे कृषि उपज लेकर आने वाले किसानों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। कृषि उपज मंडियों में किसानों और व्यापारियों की आवाजाही के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में मंडी तक पहुंचे के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध होने से परिवहन व्यवस्था सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा को किसानों की सुविधा और मंडी तक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
किसानों की सुविधा और कृषि विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। आर्थिक सहायता योजनाओं के साथ-साथ सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी ग्रामीण अव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। उज्जैन में आयोजित किसान एवं व्यापारी सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के हस्तांतरण और एलिवेटेड मार्ग की भुजा को मंडी तक पहुंचाने की घोषणा ने किसानों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी। सरकार की ओर से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और उनकी आवागमन संबंधी समस्याओं को दूर करने के प्रयासों पर भी जोर दिया गया।
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सहायता तथा उज्जैन में प्रस्तावित यातायात सुविधा से संबंधित घोषणा का उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और किसानों का कल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।



