Trending

भारत-न्यूजीलैंड समझौता, भारतीय उत्पादों को शुल्क-मुक्त एंट्री

India-New Zealand agreement: Duty-free entry for Indian products

नई दिल्ली:  भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच हुए व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में पहले दिन से 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इस समझौते से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलने और देश के कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर खुलने की उम्मीद है। नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त पैट्रिक जॉन राता की मौजूदगी में इस व्यापार समझौते पर मुहर लगी। इसे भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। दी गई जानकारी के मुताबिक, समझौता अगले दिन से लागू होगा। इसके लागू होने से भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

ये भी पढ़िए हटाए गए नाम फिर जुड़वाने का अवसर, झाबुआ में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर मंथन

भारतीय निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य भारतीय उत्पादों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में व्यापारिक अवसर बढ़ाना है। भारतीय उत्पादों को 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलने से निर्यातकों को वहां अपने उत्पाद बेचने में मदद मिल सकती है। इससे भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर मिलेगा और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MS ME), किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे भारतीय कारोबारियों को अपने उत्पादों के लिए नए बाजार मिलेंगे और देश के निर्यात क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

कपड़ा, चमड़ा, कृषि और फार्मा क्षेत्र को लाभ की उम्मीद

व्यापार समझौते से भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को फायदा मिलने की संभावना जताई गई है। इनमें कपड़ा, चमड़ा, कृषि और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों से जुड़े निर्यातकों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। विशेष रूप से छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में शुल्क-मुक्त प्रवेश से उन्हें प्रतिस्पर्धा करने और नए व्यापारिक संपर्क विकसित करने में मदद मिल सकती है। वहीं, कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादकों और उद्यमियों के लिए भी निर्यात के नए अवसर बन-ने की उम्मीद है।

MS ME और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर

पीयूष गोयल ने इस समझौते को छोटे कारोबारियों, किसानों और महिला उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। MS ME क्षेत्र देश की अर्थ-व्यवस्था और रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर मिलने से इस क्षेत्र की कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिल सकती है। महिला उद्यमियों के लिए भी विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ने की संभावना महत्वपूर्ण है। समझौते से भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड में अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है, हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव अलग-अलग उत्पादों और सरकारों के अनुसार सामने आएगा।

समझौते के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, कृषि सचिव आतिश चंद्र, विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव विनोद के. जैकब और संयुक्त सचिव पेटल ढिल्लों भी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक सहयोग को आगे बढ़ाने में विभिन्न विभागों की भूमिका को दर्शाती है। कुल मिलाकर, भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह व्यापार समझौता भारतीय उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने, कारोबारियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

अब इसके लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों और संबंधित क्षेत्रों को मिलने वाले लाभ पर नजर रहेगी।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker