जंतर-मंतर हिंसा की जांच के लिए HPEC ने लॉन्च किया पोर्टल
HPEC launches portal to investigate Jantar Mantar violence

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के बाहर हुई हिंसा की घटनाओं की जांच को आगे बढ़ाने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC) ने एक पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से हिंसा से प्रभावित लोग, पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित व्यक्ति अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। समिति ने प्रभावित लोगों से अपील की है कि वे घटना से जुड़ी जानकारी, अपनी शिकायतें और उपलब्ध संबंधित सामग्री पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि जांच के दौरान सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई में जंतर-मंतर और दिल्ली के बाहर विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा की घटनाओं के सभी पहलुओं की जांच के लिए उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति का गठन किया था। समिति को इस साल 18 अगस्त और 10 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेशों में बताए गए मुद्दों की जांच करनी है। इसी प्रक्रिया के तहत पोर्टल शुरू किया गया है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों और घटना से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों को अपनी बात समिति तक पहुंचाने का माध्यम मिल सके।
हिंसा से जुड़े कई पहलुओं की होगी जांच
HPEC की जांच में हिंसा से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है। इनमें पैलेट गन के इस्तेमाल, लक्षित हिंसा, महिला प्रदर्शनकारियों के उत्पीड़न, दोनों पक्षों की ओर से हुई हिंसा और संपत्ति को हुए नुकसान से जुड़े मामले शामिल हैं। समिति इन पहलुओं की जांच के दौरान संबंधित लोगों से मिलने वाली शिकायतों और जानकारियों पर विचार करेगी। जांच का उद्देश्य घटनाओं से जुड़े विभिन्न पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों को सामने लाना है। हिंसा के दौरान प्रभावित हुए लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित व्यक्ति भी अपनी जानकारी समिति तक पहुंचा सकते हैं। इससे जांच के दायरे में आने वाले विभिन्न मुद्दों पर संबंधित पक्षों के अनुभव और शिकायतें दर्ज हो सकेंगी।
शिकायतकर्ताओं और गवाहों की पहचान रहेगी सुरक्षित
समिति के मुताबिक, पोर्टल को संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर शिकायतकर्ता या गवाह की पहचान गोपनीय रखी जा सकती है। यह व्यवस्था उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो किसी संवेदनशील घटना से संबंधित जानकारी साझा करना चाहते हैं, लेकिन अपनी पहचान सार्वजनिक होने को लेकर चिंतित हैं। HPEC ने शिकायतकर्ताओं और गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तैयार की है। समिति का कहना है कि प्रभावित लोग पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें और घटना से संबंधित विवरण साझा कर सकते हैं। इससे जांच के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र करने में मदद मिल सकती है।
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पोर्टल के अलावा ईमेल और कार्यालय में भी जमा कर सकेंगे शिकायत
हिंसा से प्रभावित लोगों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के लिए शिकायत दर्ज कराने के एक से अधिक विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। वे HPEC के पोर्टल पर अपनी शिकायतें और संबंधित जानकारी अपलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शिकायतें ईमेल के माध्यम से या समिति के कार्यालय में जाकर भी जमा कराई जा सकती हैं। समिति ने लोगों से अपील की है कि वे घटनाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जांच के दौरान विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा सके। पोर्टल शुरू होने से शिकायतकर्ताओं को अपनी बात दर्ज कराने के लिए एक ऑनलाइन माध्यम मिला है। वहीं, ईमेल और कार्यालय के जरिए शिकायत देने के विकल्प भी बनाए रखे गए हैं।
जंतर-मंतर और दिल्ली के बाहर हुई हिंसा की घटनाओं की जांच के लिए गठित HPEC अब प्रभावित लोगों, पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से मिलने वाली शिकायतों और जानकारियों के आधार पर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी। समिति की जांच सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त और 10 सितंबर के आदेशों में बताए गए मुद्दों के अनुरूप आगे बढ़ेगी।



