
‘असत्य और अर्धसत्य के बीच सच सामने लाना पत्रकारों की जिम्मेदारी
It is the responsibility of journalists to bring the truth to light amidst falsehoods and half-truths.
महाराष्ट्र, मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा है कि टेलीविजन, डिजिटल और सोशल मीडिया के विस्तार के बावजूद समाचार पत्रों की विश्वसनीयता आज भी कायम है। उन्होंने पत्रकारों से सोशल मीडिया पर फैल रही असत्य और अर्धसत्य सूचनाओं के बीच सच को सामने लाकर जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय के माध्यम से महाराष्ट्र दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और बिहार के पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कल मुंबई स्थित लोकभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इसी दौरान राज्यपाल ने यह बात कही। राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। क्षेत्रीय दौरों और प्रत्यक्ष अनुभवों से पत्रकारों को किसी विषय को समग्र रूप से समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पत्रकार सरकार और समाज के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य करते हैं। राज्यपाल ने पत्रकारों से समाचारों के प्रसारण के साथ-साथ ‘नशामुक्त भारत’ और ‘टीबी मुक्त भारत’ जैसे जनकल्याणकारी अभियानों के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
सत्य की पहचान और जिम्मेदारी: राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक और झूठी जानकारियों से सावधान रहने की जरूरत है। पत्रकारों को इन सभी सूचनाओं को परखकर केवल प्रामाणिक और सच्ची खबरें ही समाज के सामने रखनी चाहिए।
समाचार पत्रों की विश्वसनीयता: उन्होंने रेखांकित किया कि टेलीविजन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के इस आक्रामक दौर में भी पारंपरिक समाचार पत्रों की विश्वसनीयता आज भी उतनी ही मजबूत बनी हुई है।
लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ और सेतु: मीडिया को लोकतंत्र का एक अनिवार्य और मजबूत स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी पहलों, विकास कार्यों और योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मीडिया सरकार और समाज के बीच एक सेतु की तरह काम करता है।



