जोधपुर के बासनी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, धमाके में 14 फायरकर्मी झुलसे
Massive fire at a chemical factory in Jodhpur's Basni 14 firefighters sustained burns in an explosion.

राजस्थान, जोधपुर: जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग बुझाने के दौरान केमिकल से भरे ड्रमों में हुए धमाकों की चपेट में आकर 14 फायरकर्मी घायल हो गए। इनमें से कई कर्मियों को गंभीर रूप से झुलसने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक आग गणेश नगर श्रमिक कॉलोनी स्थित फैक्ट्री में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगी। फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायन रखे होने के कारण आग तेजी से फैल गई। दमकल की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी थीं, तभी केमिकल के ड्रमों में जोरदार धमाके होने लगे। रिपोर्टों के अनुसार, फैक्ट्री की छत से एक पत्थर केमिकल से भरे ड्रम पर गिरने के बाद धमाका हुआ और इसके बाद कई अन्य ड्रम भी फट गए।
आग बुझाने के दौरान घायल हुए फायरकर्मियों को उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर ले जाया गया। अस्पताल में घायलों के लिए अलग ICU की व्यवस्था की गई है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार, 8 घायलों के शरीर का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा झुलसा है, जबकि चार की हालत गंभीर बताई गई है। तीन गंभीर घायलों को वेंटिलेटर सपोर्ट दिए जाने की भी रिपोर्ट है। आग पर करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे काबू पाया गया। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें घटना के कारणों की जांच में जुटी हैं। फैक्ट्री में किस प्रकार के केमिकल रखे गए थे और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
जयपुर भेजे जाने की जानकारी पर अपडेट
आपके दिए मूल इनपुट में 6 दमकलकर्मियों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के SMS अस्पताल लाए जाने और वहां बर्न यूनिट को अलर्ट रखने की बात कही गई है। हालांकि, मुझे उपलब्ध ताजा प्रकाशित रिपोर्टों में इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। उपलब्ध रिपोर्टों में घायल फायरकर्मियों के महात्मा गांधी अस्पताल, जोधपुर में इलाज की जानकारी है। इसलिए अगर आप इसे आज की पक्की न्यूज़ कॉपी के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, तो 6 घायलों और जयपुर ग्रीन कॉरिडोर वाले हिस्से को संबंधित आधिकारिक/स्थानीय स्रोत से दोबारा कन्फर्म करना बेहतर होगा।
जोधपुर के बासनी में केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने दमकलकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग बुझाने के दौरान हुए केमिकल ड्रमों के धमाकों में कई फायरकर्मी झुलस गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। प्रशासन और अस्पतालों ने घायलों के बेहतर इलाज के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की हैं। घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और आग लगने के कारणों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।



