दौसा पहुंची ‘लोकमंथन यात्रा 2026’, लोक संस्कृति और परंपराओं से कराया परिचय
Lokmanthan Yatra 2026' reaches Dausa offers a glimpse into folk culture and traditions.

राजस्थान, दौसा: भारतीय लोक संस्कृति, परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकाली जा रही ‘लोकमंथन यात्रा 2026’ गुरुवार को राजस्थान के दौसा पहुंची। यात्रा के दौसा पहुंचने पर आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित कर स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में यात्रा का पुष्पवर्षा के साथ अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और देश की विविध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों की जानकारी दी गई। यात्रा के माध्यम से भारतीय समाज में पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों, कला, साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया जा रहा है।
पुष्पवर्षा से हुआ यात्रा का स्वागत
लोकमंथन यात्रा के दौसा पहुंचने पर आदर्श विद्या मंदिर बालिका विद्यालय में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने भारतीय लोक संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक पहचान केवल ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों और स्थानीय समुदायों में आज भी जीवित लोक परंपराओं, लोक कलाओं, भाषाओं और जीवनशैली में दिखाई देती है।
संस्कृत प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान संस्कृत प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रदर्शनी के माध्यम से संस्कृत भाषा और विज्ञान के बीच संबंध को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों को संस्कृत में उपलब्ध वैज्ञानिक ज्ञान और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी में यह बताने का प्रयास किया गया कि संस्कृत केवल धार्मिक और साहित्यिक भाषा नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, गणित, चिकित्सा, खगोल विज्ञान और दर्शन जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ग्रंथों का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। छात्राओं ने प्रदर्शनी के विभिन्न विषयों को समझने में रुचि दिखाई। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के बीच संबंध को समझने का अवसर मिला।
लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास
‘लोकमंथन यात्रा 2026’ का उद्देश्य भारतीय समाज की विविध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। यात्रा के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय परंपराओं, लोक कलाओं, संस्कृति और सामाजिक जीवन से जुड़े पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, भारत की सांस्कृतिक विविधता उसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों की अपनी विशिष्ट लोक परंपराएं हैं, लेकिन इन सभी के बीच भारतीय संस्कृति की साझा भावना दिखाई देती है। ऐसी यात्राओं के माध्यम से इन परंपराओं को संरक्षित करने और युवाओं को उनसे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।दौसा में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी ने भी आयोजन को विशेष बनाया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
लोकमंथन यात्रा के आगामी पड़ावों में भी भारतीय लोक जीवन, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है। यात्रा के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने और लोगों को अपनी जड़ों तथा सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।



