भारत-पोलैंड के रिश्तों में आएगी और गहराई,कई अहम समझौतों पर काम जारी
Jaishankar's visit to Poland: Cooperation to increase in cybersecurity, space, and clean energy.
वारसॉ: भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में दोनों देश साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने विश्वास जताया है कि प्रस्तावित समझौतों से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गहराई और मजबूती मिलेगी।
जयशंकर और सिकोरस्की के बीच महत्वपूर्ण वार्ता
राजधानी वारसॉ में पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में डॉ. जयशंकर ने भारत-पोलैंड संबंधों को दीर्घकालिक और सौहार्दपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को वर्ष 2024 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था और अब इस साझेदारी को ठोस सहयोग के जरिए आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जयशंकर ने अपनी वार्ता को “फलदायक” बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
बैठक में यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के घटनाक्रम सहित कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा संघर्षों को समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों को प्राथमिकता देने की वकालत करता रहा है। पोलैंड के साथ हुई चर्चा में यूरोप की सुरक्षा स्थिति और बदलते वैश्विक रणनीतिक परिदृश्य पर भी विचार साझा किए गए।
साइबर सुरक्षा से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक सहयोग
दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज प्रमुख हैं। इसके अलावा रक्षा और जहाज निर्माण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर भारत और यूरोप दोनों का ध्यान लगातार बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए आवश्यक खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकता है।
जामसाहेब मेमोरियल युवा संपर्क कार्यक्रम का दूसरा संस्करण
विदेश मंत्री जयशंकर ने जामसाहेब मेमोरियल युवा संपर्क कार्यक्रम के दूसरे संस्करण के आयोजन की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम अगले महीने आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पोलैंड के विश्वविद्यालयों में भारतीय विद्या और संस्कृत कार्यक्रमों के अच्छे प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। भारत और पोलैंड के बीच लोगों के बीच संपर्क और शैक्षणिक सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।
भारत-ईयू संबंधों में FTA को बताया केंद्रबिंदु
भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि हाल के वर्षों में दोनों पक्षों के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। उन्होंने हाल ही में हुए भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को संबंधों का महत्वपूर्ण केंद्रबिंदु बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत और यूरोपीय संघ दोनों के लिए नए आर्थिक अवसर पैदा होंगे और व्यापार तथा निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
रक्षा और जहाज निर्माण पर भी फोकस
पोलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर और सिकोरस्की की बातचीत में रणनीतिक साझेदारी के कार्यान्वयन के साथ रक्षा, अंतरिक्ष और जहाज निर्माण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय और क्षेत्रीय सहयोग, स्मारकों एवं स्मृति से जुड़े मुद्दों तथा विशेषज्ञों के बीच संपर्क और सहयोग को और बढ़ाने पर भी विचार किया। माना जा रहा है कि भारत-पोलैंड संबंधों का दायरा अब पारंपरिक राजनीतिक और आर्थिक सहयोग से आगे बढ़कर तकनीक, सुरक्षा, ऊर्जा, रक्षा और युवा संपर्क जैसे व्यापक क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।



